रावतपुरा कलां में राधा-कृष्ण की भव्य जलविहार शोभायात्रा, भक्तिमय माहौल में सराबोर हुआ गांव

भिंड जिले के लहार अनुविभाग अंतर्गत रावतपुरा कलां गांव में आस्था और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला। शनिवार की शाम गांव में भगवान श्री राधा-कृष्ण की भव्य जलविहार शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों की अपार आस्था और उत्साह साफ झलक रहा था।

यह धार्मिक आयोजन गांव के प्रसिद्ध दिवाले मंदिर से आरंभ हुआ। शोभायात्रा का नेतृत्व पंडित शांतिदास पाठक ने किया, जबकि पंडित विनय पाठक ने ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्ति संगीत के बीच राधा-कृष्ण की झांकी को डोल में सजाकर पूरे गांव में भ्रमण कराया। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई और हर गली में भक्ति का माहौल गूंजने लगा।

गांव की माताओं एवं बहनों ने जगह-जगह दीपक और फूलों से स्वागत किया, आरती उतारी और भगवान की पूजा-अर्चना कर मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। ग्रामीणों द्वारा प्रसाद वितरण ने इस आयोजन को और अधिक सामूहिक बना दिया। हर ओर हरिनाम संकीर्तन और जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।

शोभायात्रा का प्रमुख पड़ाव मृगा नदी रहा, जहां परंपरा के अनुसार भगवान को जलविहार कराया गया। इस क्षण ने पूरे आयोजन को अद्वितीय बना दिया। श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर और “राधे-राधे” के जयकारों से वातावरण को और अधिक भक्तिमय कर दिया। जलविहार के उपरांत शोभायात्रा पुनः दिवाले मंदिर पहुंची, जहां सामूहिक प्रसाद वितरण के साथ इस धार्मिक आयोजन का समापन हुआ।

ग्रामवासियों का कहना है कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और यह केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि गांव की एकता, परंपरा और सामूहिक भक्ति का प्रतीक है। इस अवसर पर ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए और गांव भक्तिरस में पूरी तरह डूब गया।

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