भारी बारिश से तबाही – मऊगंज के कई गांव जलमग्न, 47 मकान ध्वस्त, राहत कार्य तेज

मऊगंज | मध्यप्रदेश 16 और 17 जुलाई को मऊगंज जिले में हुई मूसलाधार बारिश ने तबाही का मंजर खड़ा कर दिया। लगातार बारिश के कारण निचली बस्तियों में पानी भर गया, वहीं नईगढ़ी के दोनों मुख्य मार्ग तेज कटाव के चलते बंद हो चुके हैं, जिससे संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।

प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया – अफसर मौके पर
शुक्रवार शाम 5 बजे रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद और आईजी गौरव राजपूत ने खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और राहत कार्यों की समीक्षा की। वे सीधे उन गांवों में पहुंचे जहां पानी ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया है।

हनुमना का ढाबा तिवरियान गांव सबसे ज्यादा प्रभावित
इस गांव में 47 कच्चे मकान पूरी तरह से ढह गए। इन परिवारों को तत्काल स्कूलों में बनाए गए राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया। जहां उनके रहने और खाने की व्यवस्था की जा रही है।

कमिश्नर के निर्देश – हर पीड़ित तक पहुंचे राहत
कमिश्नर जामोद ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शिविरों में सभी मूलभूत सुविधाएं – भोजन, पानी, दवाई – अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। जिनका अनाज खराब हो गया है, उन्हें 25 किलो गेहूं और 25 किलो चावल मुफ्त दिया जाएगा। साथ ही मकानों की क्षति का सर्वे करके पात्र परिवारों को राहत राशि और पीएम आवास योजना के तहत स्थायी मकान भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

आईजी की अपील – पुलिस रहे जनता के साथ
आईजी गौरव राजपूत ने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए कि वे राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं और किसी भी स्थिति में जनता की सहायता में पीछे न हटें।

कलेक्टर और अधिकारियों की मौजूदगी
मौके पर कलेक्टर संजय कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी, जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर, एसडीएम रश्मि चतुर्वेदी समेत जिला प्रशासन की पूरी टीम उपस्थित रही। ग्रामीणों ने अपनी परेशानियां साझा कीं और प्रशासन ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

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