
मऊगंज। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जनपद पंचायत सभागार मऊगंज में सीएससी प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मऊगंज, नईगढ़ी और हनुमना क्षेत्र से करीब 200 वीएलई ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती सृष्टि देशमुख ने वीएलई को पंचायत स्तर पर पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण नागरिकों और सरकारी सेवाओं के बीच वीएलई महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर सकते हैं।
कई डिजिटल सेवाओं की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन, ई-टोकन, ई-उपार्जन, आयुष्मान योजना और किसान आईडी सहित विभिन्न डिजिटल सेवाओं की प्रक्रिया और उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। सीएससी जिला प्रबंधक विक्रम पांडेय ने ई-उपार्जन, ई-टोकन, लोन मार्केट, डिजीपे, बीमा, बिजली बिल भुगतान, किसान आईडी और अकाउंट एग्रीगेटर समेत विभिन्न सीएससी सेवाओं की प्रक्रिया समझाई। इसके साथ ही सचिवालय स्तर से वीएलई को जोड़ने से संबंधित जानकारी भी साझा की गई। कार्यशाला में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की ओर से श्री प्रशांत मिर्ज़ा ने जीवन बीमा पॉलिसियों से संबंधित जानकारी उपस्थित वीएलई को दी।

ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर
कार्यशाला में मऊगंज, नईगढ़ी और हनुमना जनपद पंचायतों के अधिकारियों की भी सहभागिता रही। अधिकारियों ने वीएलई से पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने और पात्र ग्रामीण नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की दिशा में सक्रियता से काम करने की अपील की। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के वितरण को बेहतर बनाने और नागरिकों को सरकारी सुविधाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।













