सिंहस्थ 2028 का शंखनाद: उज्जैन में अवैध निर्माणों पर गरजा बुलडोजर, आश्रमों के बाद लग्जरी होटल जमींदोज

उज्जैन | सिंहस्थ 2028 को भव्य और निर्बाध बनाने के लिए उज्जैन नगर निगम और जिला प्रशासन ने बुधवार से कमर कस ली है। सिंहस्थ क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए चलाए गए इस महा-अभियान के पहले ही दिन कई बड़े निर्माणों को ढहा दिया गया। कार्रवाई की जद में न केवल साधु-संतों के टीन शेड और निर्माणाधीन आश्रम आए, बल्कि नरसिंह घाट के पास स्थित एक आलीशान लग्जरी होटल को भी मिट्टी में मिला दिया गया।

दिन भर का घटनाक्रम: कहाँ-कहाँ चला बुलडोजर?

1. सुबह की शुरुआत (लालपुर और नरसिंह घाट): नगर निगम की टीम ने सुबह सबसे पहले लालपुर स्थित स्वामी संदीपेंद्र आश्रम में दबिश दी। इसके बाद नरसिंह घाट क्षेत्र में स्थित श्री क्षत्रिय कलोता समाज पारमार्थिक न्यास और अखिल भारतीय चंद्रवंशी समाज आश्रम के अवैध ढांचों और टीन शेड को ध्वस्त किया गया।

2. दोपहर की कार्रवाई (भूखी माता मंदिर क्षेत्र): दोपहर होते-होते निगम का अमला भूखी माता मंदिर के सामने पहुँचा। यहाँ महामंडलेश्वर इंद्र देव सरस्वती के आश्रम के उस हिस्से पर बुलडोजर चलाया गया, जो अवैध रूप से बनाया गया था।

3. शाम का कड़ा एक्शन (शंकराचार्य मठ चौराहा): कार्रवाई का सबसे बड़ा असर शाम को दिखा जब नरसिंह घाट के पास शंकराचार्य मठ चौराहा स्थित पूर्णानंद महाराज के आश्रम परिसर में बनी एक लग्जरी होटल को अवैध मानते हुए पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया।

प्रशासन का पक्ष: 127 अतिक्रमणों की लिस्ट तैयार

नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध बने कुल 127 अतिक्रमणों की सूची तैयार की गई है। पहले चरण में 5 प्रमुख निर्माणों को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि 2028 के आयोजन में अब समय कम है, इसलिए प्रशासन किसी भी तरह के अवैध स्थायी या अस्थायी ढांचे को नहीं छोड़ेगा।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • अभियान का नाम: सिंहस्थ अतिक्रमण-विरोधी अभियान 2026

  • कुल चिह्नित अतिक्रमण: 127

  • प्रमुख कार्रवाई: स्वामी संदीपेंद्र आश्रम, पूर्णानंद महाराज आश्रम (होटल), महामंडलेश्वर इंद्र देव सरस्वती आश्रम।

  • क्षेत्र: लालपुर, नरसिंह घाट, भूखी माता मंदिर क्षेत्र।

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